Debentures Meaning In Hindi | Debentures Kya Hai

Debentures Meaning In Hindi | Debentures Kya Hai | Debentures Kya Hota Hai | Debentures In Hindi

नमस्कार दोस्तों आज हम Debentures Meaning in hindi लेख पर बात करेंगे और आपको बताएंगे कि डिबेंचर क्या होता है और लोगों में इसकी जानकारी का अभाव बहुत कम है और ज्यादातर लोगो को इसके बारे में नहीं पता होता है यह जानकारी ज्यादातर उन लोगों को पता होती है जो कॉमर्स के स्टूडेंट या शिक्षक है या फिर जो बड़े फाइनेंशियल के जानकार हो या बड़े इन्वेस्टर है

तो दोस्तों आज हम डिबेंचर या ऋण पत्र को एक इन्वेस्टमेंट के तौर पर आपको सरल व साफ़ शब्दों में जानकारी देने की कोशिश करेंगे और दोस्तों इन्वेस्टमेंट कितना जरूरी है यह तो आपको पता ही होगा अगर आप हमारे blog के लेखो को अब तक लगातार पढ़ा होगा तो आपको इन्वेस्टमेंट के बारे में काफी जानकारी हो गई होगी तो दोस्तों यह समझते हैं डिबेंचर क्या है

Debentures Meaning in Hindi

debentures meaning in hindi

दोस्तों डिबेंचर का हिंदी में मतलब होता है ऋण पत्र ! और इस साधारण अर्थ होता है कर्ज ! दोस्तों ज्यादातर कंपनियां अपना व्यापार बढ़ाने हेतु कर्ज का सहारा जरूर लेती हैं कुछ कंपनियां अपना शेयर लोगों को बेच देती हैं जिससे वह धन जुटाती है और अगर कंपनी अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचती है तो वह बैंक से कर्ज लेती है या फिर पब्लिक से कर्ज ले सकती है तो दोस्तों अगर वह कंपनी लोगों से कर्ज लेती है तो उसे एक प्रमाण पत्र के जरिए घोषणा करनी पड़ती है जिसे हम ऋण पत्र या डिबेंचर कहते हैं

इस ऋण पत्र के जरिए कंपनी घोषणा करती है या बाहय होती है कि वे व्यापार को बढ़ाने हेतु कर्ज ले रही है और तय समय सीमा पर ब्याज सहित उस व्यक्ति को पैसा वापस करेगी दोस्तो डिबेंचर पत्र हर उस व्यक्ति को जारी किया जाता है जो कंपनी को कर्ज देता है

तो दोस्तों अब आप लोगों को यह समझ में आ गया होगा कि डिबेंचर क्या है जो एक ऋण पत्र होता है जो कंपनी जारी करती है हर उस व्यक्ति को जो कंपनी के ऋण देता है जिसमें समय अवधि व ब्याज दर सहित मूल्य राशि आदि सभी चीजें लिखी होती है वह कंपनी की मोहर आदि लगी होती है दोस्तों यह भी एक इन्वेस्टमेंट की तरह हुआ जहां पर आप लाभ कमा सकते हैं
दोस्तों यह तय होता है कि कंपनी ने कर्ज लिया है उसे ब्याज देना होगा और कंपनी को मूल राशि भी लौटानी होगी चाहे कंपनी को लाभ हो या हानि अगर कंपनी को ज्यादा लाभ भी होता है तो कंपनी उतना ही ब्याज देगी जितना ऋण पत्र पर लिखा है अगर कंपनी को घाटा भी हो तब भी उतना ब्याज कंपनी को देना होगा डिबेंचर एक तय समय सीमा तक के लिए मान्य होता है समय सीमा समाप्त होने पर डिबेंचर धारक को पूरा पैसा ब्याज सहित ब्याज वापिस लौटा दिया जाता है

कंपनी एक्ट 2013 के अनुसार यह सीमा अब 10 साल की तय कर दी गई है दोस्तों इस प्रकार डिबेंचर या ऋण पत्र एक सुरक्षित इन्वेस्टमेंट साधन बन जाता है

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कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

  • अगर कंपनी बंद होने के कगार पर होती है तो भी उसे डिबेंचर का पैसा लौटाना होगा
  • डिबेंचर एक प्रमाण पत्र होता है जिस पर ऋण दाता व कंपनी का एग्रीमेंट होता है
  • कंपनी के पैसा ना वापस करने पर ऋण पत्र के माध्यम से कर दाता कंपनी पर मुकदमा कर सकता है
  • डिबेंचर लंबी अवधि के लिए जारी होते हैं टाइम हाई 10 साल का होता है
  • डिबेंचर पर ब्याज की निश्चित लिखी होती है कंपनी को वह भुगतान करना होता है
  • ऋण दाता के लिए एक इन्वेस्टमेंट की तरह होता है

दोस्तों इसमें आपको किसी तरह का टैक्स में छूट नहीं मिलता पर यह एक सुरक्षित निवेश होता है कंपनी के दिवालिया घोषित होने पर कंपनी के प्रॉपर्टी पर आपका पहला हक होता है

मैं आशा करता हूं कि आपको डिबेंचर क्या है और Debentures Meaning in Hindi इस लेख पर संबंधित जानकारी आपको पसंद आई होगी धन्यवाद आपका दिन शुभ हो…..

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